#क्षत्रिय_सम्राट_अशोक_मौर्य_जयंती

#क्षत्रिय_सम्राट_अशोक_मौर्य_जयंती
#परमार_वंश 
आज जयंती के अवसर पर अपनी युवा पीढ़ी व अन्य सदस्यों को क्षत्रिय सम्राट अशोक मौर्य जी की किर्ति से अवगत कराए 
यह गौरवशाली इतिहास ही हमारी धरोहर है।

#सूर्यवंशी_क्षत्रिय_सम्राट_अशोक_मौर्य 

सम्राट अशोक युद्ध के लिये इतना प्रसिद्ध नही हुए जितना एक धम्म विजेता के रूप में प्रसिद्ध हुए, वह न केवल मानव वरन सम्पूर्ण प्राणी जगत के प्रति उदारता का दृष्टीकोण रखते थे, इसी कारण उन्होंने पशु पक्षियों के वध पर प्रतिबंध लगा दिया था। 
सम्राट अशोक ने लोकहित के लिये छायादार वृक्ष, धर्मशालाएं बनवाई तथा कुएं भी खुदवाये। उन्होंने मनुष्यों व पशुओं के लिये उपयोगी औषधियों एवं औषधालयों की व्यवस्था की थी।

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सम्राट अशोक ने प्रशाश्कीय क्षेत्र में जिस त्याग, दानशीलता तथा उदारता का परिचय दिया एवं मानव को नैतिक स्तर उठाने की प्रेरणा दी वो विश्व इतिहास में कहीं और देखने को नही मिलती है। 
सम्राट अशोक ने शासन को सुचारू रूप से चलाने के लिये अनेक सुधार किये और अनेक धर्म-महापात्रों की नियुक्ति की। सम्राट अशोक अपनी जनता को अपनी संतान की तरह मानते थे। 
उन्होंने जनहित के लिये प्रांतीय प्रशासकों को नियुक्त किया था, सम्राट अशोक एक कुशल प्रशासक थे उनका संदेश था –

 :----    प्रत्येक समय मैं चाहे भोजन कर रहा हूँ या         शयनागार में हूँ, प्रतिवेदक प्रजा की स्थिति से मुझे अवगत करें। मैं सर्वत्र कार्य करूंगा प्रजा हित मेरा कर्तव्य है और इसका मूल उद्योग तथा कार्य तत्परता है-------:

सम्राट अशोक की योग्यता का ही परिणाम था कि उन्होने 40 वर्षों तक कुशलता से शासन किया, यही वजह है कि सदियों बाद; आज भी लोग सम्राट अशोक को एक अच्छे शाशक के रूप में याद करते हैं।

सूर्यवंशी #क्षत्रिय_सम्राट_अशोक_मौर्य 

आदर्शवादी तथा बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न, मानव सभ्यता का अग्रदूत तथा प्राचीन भारतीय इतिहास का दैदिप्त्यमान सितारा अशोक एक महान सम्राट थे। 
सभी इतिहासकारों की दृष्टी से सम्राट अशोक का शासनकाल स्वर्णिम काल कहलाता है।

:--- सम्राट अशोक महान सम्राट बिंदुसार के पुत्र थे ,
बौद्ध ग्रन्थ दीपवंश में बिन्दुसार की 16 पत्नियों एवं 101 पुत्रों का जिक्र है। अशोक की माता का नाम शुभदाग्री था। बिंदुसार ने अपने सभी पुत्रों को बेहतरीन शिक्षा देने की व्यवस्था की थी। लेकिन उन सबमें अशोक सबसे श्रेष्ठ और बुद्धिमान थे। 
प्रशासनिक शिक्षा के लिये बिंदुसार ने अशोक को उज्जैन का सुबेदार नियुक्त किया था। अशोक बचपन से अत्यन्त मेघावी थे। अशोक की गणना विश्व के महानतम् शासकों में की जाती है।

संस्कार ओर वीरता खून में होती हैं, सरकार की सब्सीडी से नही मिलती |
विरता के लिए...सिने में..दैश प्रेम होना चाहिए...

#क्षत्रिय_सम्राट_अशोक_मौर्य जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं

भारत के महानतम सम्राट, मौर्य वंश के तीसरे शासक, "वसुधैव कुटुंबकम" के जनक, लोक कल्याणकारी शासक तथा विश्व में "बुद्धं शरणम गच्छामि " को गुन्जायमान करने वाले देवानाम प्रियदर्शी  क्षत्रिय सम्राट अशोक महान की  जन्म-जयंती पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई एवं मंगलकामनाएं।

अपने पितामह सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य की परंपरा का निर्वहन करते हुए संपूर्ण भारतवर्ष को एक सूत्र में पिरोकर भारत के शांति एवं सद्भाव के संदेश को भारत से बाहर पहुंचाने एवं अपनी जनता को धर्म के मार्ग पर आरूढ़ करने के संस्थागत प्रयास करने वाले हमारे महान पूर्वज क्षत्रिय सम्राट अशोक की जयंती पर सादर वंदन।

#NationBuilderAshoka
#RajputSamratAshoka

 ..मौर्य क्षत्रिय प्राचीन उज्जैन के गर्वनर थे फिर भारत के सम्राट बने मौर्य वंश के वंश ज वर्तमान में राजपूतों में मौर्य राजपूत कहलाते है  ....इसके अलावा चित्तौड़ का अंतिम प्राचीन मौर्य शासक  चित्रांगद मौर्य थे जिनके नाम से आज चित्तौड़ है हालांकि चित्तौड़ उस समय मालवा का एक भाग था ,कुल मिलाकर गुप्तकाल के अंतिम वर्षों में भी मालवा आदि क्षेत्रों में मौर्य शासक थे ...जो सामंत के रूप राज कर रहे थे।

कौण्डिन्य गोत्र के ,और पाटलिपुत्र के गढ़ कुम्हेर और बिहार में कौण्डिन्य गोत्र के परमार आज भी हैं ।

जयशंकर प्रसाद ने चन्द्रगुप्त नाटक के प्रस्तावना में पिप्पलीकानन के मौर्य कुल को परमार वंश की शाखा सिद्ध किये है 
ऐसा ही इतिहासकार श्रीभगवान जी ने भी कहा है ।

सम्राटो के साम्राट 👑
   सबसे बड़े भारतीय भूभाग पर शासन करने वाले और जिनके तलवार की गर्जना से लेकर अहिंसा के संदेश तक पूरी दुनिया कायल ह एवं बौद्ध धर्म को वैश्विक धर्म बनाने वाले...
      क्षत्रिय सम्राट अशोक की जयंती पर शत- शत नमन🙏🗡️

#KshatriyaSamratAshoka
#RajputSamratAshoka

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