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Showing posts from May, 2021

जय महाकाल

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आल्हा उदल जयंती

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#महान_चंद्रवंशी_क्षत्रिय_राजपूत_योद्धा_आल्हा_ऊदल_जी_की_जयंती_की_हार्दिक_ #शुभकामनाएँ  #जय_राजपूताना_हमारे_पूर्वज_अमर_रहे_अमर_रहे ❤❤🌹🌹 #राजपूतयोद्धाआल्हाउडल #वीर_चन्द्रवंशी_आल्हा_उदल 🌹🌹 आल्हा मध्यभारत में स्थित ऐतिहासिक बुंदेलखण्ड के सेनापति थे और अपनी वीरता के लिए विख्यात थे। आल्हा के छोटे भाई का नाम ऊदल था और वह वीरता में अपने भाई से बढ़कर ही थें। जगनेर के राजा जगनिक ने आल्ह-खण्ड नामक एक काव्य रचा था उसमें इन दोनों वीरों की 52 लड़ाइयों की गाथा वर्णित है।[1] ऊदल ने अपनी मातृभूमि की रक्षा हेतु पृथ्वीराज चौहान से युद्ध करते हुए ऊदल वीरगति प्राप्त हुए । आल्हा अपने छोटे भाई की वीरगति की खबर सुनकर अपना आपा खो बैठे और पृथ्वीराज चौहान की सेना पर मौत बनकर टूट पड़े आल्हा के सामने जो आया मारा गया । लगभग एक घंटे के घनघोर युद्ध की के बाद पृथ्वीराज चौहान और आल्हा आमने-सामने थे, दोनों में भीषण युद्ध हुआ, पृथ्वीराज चौहान बुरी तरह घायल हुए आल्हा के गुरु गोरखनाथ के कहने पर आल्हा ने पृथ्वीराज चौहान को जीवनदान दिया और बुंदेलखंड के महा-योद्धा आल्हा ने नाथ पंथ स्वीकार कर लिया । आल्हा चंदेल राजा परम...

क्षत्रिय_चौहान_वंश_के_राजा 🙏🙏🙏#भारतवर्ष को अपने #पराक्रम और #वीरता के #बल पर #गौरवान्वित करने वाले #हिन्दू #सम्राट #क्षत्रिय #शिरोमणि #पृथ्वीराज_चौहान जी की #जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि #नमन।

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#क्षत्रिय_चौहान_वंश_के_राजा 🙏🙏🙏 #भारतवर्ष को अपने #पराक्रम और #वीरता के #बल पर #गौरवान्वित करने वाले #हिन्दू #सम्राट #क्षत्रिय #शिरोमणि #पृथ्वीराज_चौहान जी की #जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि #नमन।🙏🙏🙏🙏 #PrithvirajChauhan2021 पृथ्वीराज तृतीय (शासनकाल: 1178–1192) जिन्हें आम तौर पर पृथ्वीराज चौहान कहा जाता है, चौहान वंश के राजा थे। उन्होंने वर्तमान उत्तर-पश्चिमी भारत में पारंपरिक चौहान क्षेत्र सपादलक्ष पर शासन किया। उन्होंने वर्तमान राजस्थान, हरियाणा, और दिल्ली और पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से पर भी नियंत्रण किया। उनकी राजधानी अजयमेरु (आधुनिक अजमेर) में स्थित थी, हालांकि मध्ययुगीन लोक किंवदंतियों ने उन्हें भारत के राजनीतिक केंद्र दिल्ली के राजा के रूप में वर्णित किया है जो उन्हें पूर्व-इस्लामी भारतीय शक्ति के प्रतिनिधि के रूप में चित्रित करते हैं। पूरा नाम _________.#पृथ्वीराज चौहान अन्य नाम__________ राय पिथौरा जन्म ______________1149 ई. मृत्यु तिथि ___________ 1248 पिता,माता___राजा सोमेश्वर चौहान,कमलादेवी पत्नी______________ #संयोगिता शासन काल ___________...

#_माता_जानकी__सीता__जयंती_

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#_माता_जानकी__सीता__जयंती_🌸 #___की_हार्दिक_शुभकामनाएं #21_मई  सीता नवमी पर्व इस साल 20 और 21 मई को मनाया जाएगा। 20 मई -12:23 नवमी तिथि प्रारंभ 21 मई 11:10 पर समाप्त होगी।  माता सीता वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ही धरती से प्रकट हुई थीं. इसे सीता जयंती भी कहते हैं.) -  #सीता' रामायण और रामकथा पर आधारित अन्य ग्रंथ, जैसे रामचरितमानस, कंब रामायण की मुख्य नायिका हैं । सीता मिथिला(सीतामढ़ी, बिहार) में जन्मी थी, यह स्थान आगे चलकर सीतामढ़ी से विख्यात हुआ। देवी सीता मिथिला के नरेश राजा जनक की ज्येष्ठ पुत्री थीं । इनका विवाह अयोध्या के नरेश राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र श्री राम से स्वयंवर में शिवधनुष को भंग करने के उपरांत हुआ था। इन्होंने स्त्री व पतिव्रता धर्म का पूर्ण रूप से पालन किया था जिसके कारण इनका नाम बहुत आदर से लिया जाता है। त्रेतायुग में इन्हें सौभाग्य की देवी लक्ष्मी का अवतार कहा गया है।[ देवनागरी_________ #_________सीता संस्कृत लिप्यंतरण____ #_______सीता संबंध___________ #____लक्ष्मी अवतार,                ...

Maharana Pratap जन्मदिवस

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#क्षत्रिय सम्राट #राजपूतो की #शान मेवाड़ रत्न श्री महाराणा प्रताप सिंह जी की 481 वी जन्मदिवस की आप सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं   नाम - कुँवर प्रताप जी (श्री महाराणा प्रताप सिंह जी) जन्म - 9 मई, 1540 ई. जन्म भूमि - कुम्भलगढ़, राजस्थान पुण्य तिथि - 29 जनवरी, 1597 ई. पिता - श्री महाराणा उदयसिंह जी माता - राणी जीवत कँवर जी राज्य - मेवाड़ शासन काल - 1568–1597ई. शासन अवधि - 29 वर्ष वंश - सुर्यवंश राजवंश - सिसोदिया राजघराना - राजपूताना धार्मिक मान्यता - हिंदू धर्म युद्ध - हल्दीघाटी का युद्ध राजधानी - उदयपुर पूर्वाधिकारी - महाराणा उदयसिंह उत्तराधिकारी - राणा अमर सिंह अन्य जानकारी - महाराणा प्रताप सिंह जी के पास एक सबसे प्रिय घोड़ा था, जिसका नाम 'चेतक' था। राजपूत शिरोमणि महाराणा प्रतापसिंह उदयपुर, मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे। वह तिथि धन्य है, जब मेवाड़ की शौर्य-भूमि पर मेवाड़-मुकुटमणि राणा प्रताप का जन्म हुआ। महाराणा का नाम इतिहास में वीरता और दृढ़ प्रण के लिये अमर है। महाराणा प्रताप की जयंती विक्रमी सम्वत् कॅलण्डर के अनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष तृतीया को मना...